फ़ेस्टिव सीज़न — नक़्क़ाशीदार कालीनों के सामने इंद्रधनुषी धारियों वाली रेशमी नौवारी, नीले ब्लाउज़ और पारंपरिक गहनों में एक स्त्री।
नौवारी नखरा — दीपों से रोशन पत्थर के दालान में नौवारी रेशमी साड़ियों में स्त्रियाँ। दस गज़ नौवारी; शुद्ध रेशमी जिजामाता।
पैठणी परंपरा — किरमिजी पृष्ठभूमि पर पैठणी रेशमी साड़ियों में दो स्त्रियाँ: बैंगनी और गुलाबी, पल्लू पर सोने में बुने कमल और मोर।
पैठणी परंपरा — हिरवा शालू: मोर वाले लाल पल्लू की पन्ना-हरी येवला पैठणी पहने एक महिला, पीतल की लालटेनों के पास।
बनारसी गाथा — मेहराब के नीचे लाल ज़री किनारी वाली पीली बनारसी रेशमी साड़ी। बारीक ज़री के काम वाला समृद्ध रेशम, बरसों सँभालकर रखने के लिए।

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